अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगत है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन ईरान अगर समझौता नहीं करता है तो उनकी मूर्खता होगी.
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “एक विशाल अमेरिकी बेड़ा ईरान कि ओर बढ़ रहा है, देखते हैं क्या होता है. हालांकि, पहले से ही अब्राहम लिंकन युद्धपोत मध्य पूर्व में मौजूद है.”
ट्रंप ने पिछले साल ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हुए हमले का ज़िक्र करते हुए कहा, “पिछले बार हमने उनकी परमाणु शक्ति को नष्ट कर दिया था. हमें देखना होगा कि इस बार हम क्या कर सकते हैं.”
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ओमान कि राजधानी मस्कट में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वाशिंगटन की इस इच्छा को व्यक्त किया था कि वार्ता का केंद्र बिंदु केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्र में ईरान के प्रॉक्सी संगठन और ईरानी जनता के प्रति शासन के व्यवहार को भी शामिल किया जाए.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने तेहरान के मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत को बार-बार खारिज कर दिया है, और कहा है कि ईरान परमाणु वार्ता में लौटने के लिए तैयार है बशर्ते वार्ता “समान आधार” पर आयोजित कि जाए.
ईरान में पिछले महीने जनवरी में हो रहे प्रदर्शन को लेकर ट्रंप ने कहा था कि अगर प्रदर्शनकारियों को कुछ होता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा, ऐसा भी आशंका थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे थे.
साथ ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब वह इस सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे तो वह ईरान के साथ बातचीत का विकल्प प्राथमिकता देंगे.