2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में चार आरोपी को बुधवार को जेल से रिहा किया गया.
इन्हें सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिली है. सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद कड़कड़डूमा एडिशनल सेशन्स जज समीर बाजपेयी ने गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, शिफ़ा उर रहमान और मोहम्मद सलीम ख़ान द्वारा दाख़िल दो-दो लाख रूपये के ज़मानती बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो स्थानीय ज़मानतदारों को स्वीकार करते हुए उनकी रिहाई के आदेश दिए.
दिल्ली दंगे 2020 के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पाँच लोगों को ज़मानत दी थी लेकिन उनमें से पांचवें व्यक्ति शादाब अहमद को रिहाई नहीं मिल सकी.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शादाब अहमद अदालत में ज़मानती बॉन्ड जमा करने के लिए पेश नहीं हुए. इसलिए उनकी रिहाई नहीं हो पाई.
जेल अधिकारियों के मुताबिक, गुलफ़िशा फ़ातिमा, मीरान हैदर, और शिफ़ा उर रहमान को बुधवार रात तिहाड़ जेल से रिहा किया गया, जबकि मोहम्मद सलीम ख़ान मंडोली जेल से रिहा हुए.
उमर ख़ालिद और शरजील इमाम समेत सात अभियुक्तों पर साल 2019 में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध प्रदर्शनों की आड़ में फ़रवरी 2020 में दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की साज़िश रचने का आरोप है.
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा अन्य अभियुक्तों की तुलना में उमर ख़ालिद और शरजील इमाम की भूमिका अलग है.