ईरान के समाचार नेटवर्क ने अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत की पुष्टि की है.
इस खबर के बाद, ईरानी सरकार ने 40 दिनों के शोक और 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है.
ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि ‘अमेरिका और इजरायल के हमलों में 40 ईरानी अधिकारी मारे गए’, ख़ामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी हत्या कर दी गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा कि “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, ख़ामेनेई मारा गया है.”
ट्रंप कहते हैं, “यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि उन सभी महान अमेरिकियों और दुनियां भर के विभिन्न देशों के लोगों के लिए भी न्याय है, जिन्हें ख़ामेनेई और उसकी खून की प्यासी भीड़ ने मार डाला या अपंग कर दिया है.”
ट्रंप दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और परिष्कृत ट्रैकिंग सिस्टम से बचने में विफल रहें.
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत, “अमीर सईद इरावानी ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा बिना उकसावे के और सोची-समझी आक्रामकता” के परिणामस्वरूप सैकड़ों लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं.
इरावानी ने कहा, “मारे गए और घायल हुए निर्दोष नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. यह सिर्फ आक्रामकता नहीं, बल्कि युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध है.”