अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते.
राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान पूरी तीव्रता से जारी हैं और तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारे सभी उद्देश्य प्राप्त नहीं कर जाते.
ट्रंप ने ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और कानून परिवर्तन एजेंसियों को संबोधित करते हुए उन्हें धमकी दी कि “वे अपने हथियार डाल दें और माफ़ी मांगे, अन्यथा उन्हें निश्चित मौत का सामना करना पड़ेगा. यह मौत निश्चित होगी और सुखद नहीं होगी.”
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका रक्षात्मक अभियानों के लिए ब्रिटिश सैन्य ठिकानों का उपयोग कर सकता है.
सेंट्रल कमांड द्वारा तीन अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौत की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमे इस तरह की हताहतों की उम्मीद थी.”
संयुक्त अरब अमीरात ने तेहरान में अपने दूतावास को बंद करने और राजदूत सहित सभी कर्मचारियों को वापस बुलाने की घोषणा की है.
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय के अनुसार, उसने ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में यह निर्णय लिया है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा ईरान की सैन्य क्षमता में कोई कमी नहीं आई है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में दावा किया कि, “हालांकि ईरान ने अपने कुछ कमांडरों को खो दिया है, लेकिन इससे उसकी सैन्य क्षमता में कोई कमी नहीं आई है.”
वहीं, हिज्बुल्लाह ने घोषणा की है कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की “आक्रामकता” का मुकाबला करेगा.