ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक बार फिर जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों और अशांति में अमेरिका और इजरायल की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि “हालिया साजिश की विफलता के बाद उन्होंने कूटनीति के लिए तैयार हुआ है.”
अब्बास अरागची ने 18-20 जनवरी के विरोध प्रदर्शनों को “इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ 12 दिवसीय युद्ध की निरंतरता” बताया और कहा कि उन तीन दिनों की घटनाओं का “जनता के विरोध प्रदर्शनों और उनकी चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं है.”
अब्बास अरागची ने आगे कहा, “हालिया साजिश की विफलता के बाद, अब वे फिर से कूटनीति की बात कर रहे हैं, और हम भी कूटनीति के लिए हमेशा तैयार हैं, बशर्ते यह समानता, आपसी सम्मान और साझा हितों को प्राप्त करने के आधार पर हो.”
विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों कि उपस्थिति में एक समारोह में बोतले हुए विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि जो कोई भी सम्मानपूर्वक बोलेगा उसे सम्मानपूर्वक उत्तर मिलेगा, और जो कोई भी धमकी भरे और बलपूर्वक बोलेगा उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा.”
साथ ही कहा, “हम कूटनीति के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि कूटनीति धमकियों, भय और दबाव के साथ संगत नहीं होती. कूटनीति का अपना एक तरीका होता है.”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव कम करने के लिए राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच नई बातचीत की संभावना की खबरें सामने आ रही हैं.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उम्मीद है कि बहुत जल्द, कुछ दिनों में, अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाएगा. हालांकि, अगर समझौता नहीं हुआ, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सही है और कौन गलत.