
भले ही बीते कुछ दिनों से अंदेशा जताया जा रहा था कि भारत-पाकिस्तान के खिलाफ़ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई कर सकता है, लेकिन जिस पैमाने पर यह हमला किया गया है, लोगों को हैरान कर दिया है.
भारत का कहना है कि उसने पाकिस्तान के जिन जगहों पर बमबारी की है, उनमें कुछ चरमपंथियों से जुड़ी थीं और उनका निशाना पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने नहीं थे.
पाकिस्तान ने कहा है कि वो जवाबी कार्रवाई करेगा. कार्रवाई के स्वरूप पर ही भारत कि आगे की प्रतिक्रिया भी निर्भर करेगी.
दोनों ही देशों को लगता है कि वो तनाव को बढ़ाने से रोक सकते हैं, लेकिन हालत गंभीर है और यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि सैन्य संघर्ष अब किस दिशा में आगे बढ़ेगा.
पूर्व में अमेरिका और दूसरे अन्य देश भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें करते रहे हैं.
दो परमाणु संपन्न देशों के बीच बड़ते तनाव को कम किया जा सकता है.
ऐसे में ट्रंप प्रशासन, जिसका ध्यान फिलहाल दूसरे वैश्विक मुद्दों पर है, वो दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए क्या और कितनी जल्दी कदम उठाएगा ये देखना होगा.
इस बीच दोनों देशों के नेता अपने नागरिकों को यही दिखाना चाहते हैं की उन्होंने निर्णायक कदम उठाया है और कामयाब हुए हैं. लेकिन हालात कभी भी काबू से बाहर हो सकता है.