
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने “जायोनी दुश्मन और उसके दुष्ट समर्थकों पर युद्ध विराम थोपने के राष्ट्रीय निर्णय” पर एक वक्तव्य जारी किया है.
इसमें कहा गया है कि ईरान के सशस्त्र बलों ने दुश्मन की क्रूरता का “अपमानजनक और अनुकरणीय जवाब” दिया है, तथा इसकी परिणति कल रात कतर अमेरिकी बेस पर हमले और सुबह इसराइल पर मिसाइल हमलों के रूप में हुई.
परिषद ने कहा कि तेहरान ने अपने क्षेत्र पर हमलों का आनुपातिक और समयबद्ध तरीके से जवाब दिया और “दुश्मन को पछताने और हार स्वीकार करने तथा अपने आक्रमण को एकतरफा रोकने के लिए मजबूर कर दिया.”
“इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की सशस्त्र सेनाएं, दुश्मन की बातों पर भरोसा किए बिना तथा पूरी ताकत से दुश्मन के किसी भी उल्लंघनकारी कृत्य का निर्णायक और निवारक जवाब देने के लिए तैयार है.”
इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि इसराइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है.