ईरान में हो रहे प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने सैन्य हस्तक्षेप करने की चेतावनी देने के जवाब में ईरान ने भी धमकी दी है.
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी हमले से इजरायल और क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे “वैध लक्ष्य” बन जाएंगे, यह चेतावनी ट्रंप द्वारा ईरान में हस्तक्षेप करने की धमकियों के जवाब में दी गई थी.
संसद के अध्यक्ष ने अमेरिकी सेना और इजरायल के खिलाफ़ पूर्वव्यापी हमला करने की सीधी धमकी जारी की, जिसे इस्लामी गणराज्य मान्यता नहीं देता और कब्जे वाली फिलिस्तीनी भूमि मानता है.
उन्होंने कहा, “ईरान पर हमले कि स्थिति में, इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्र और इस क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे लिए वैध लक्ष्य होंगे. हम न केवल हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करेंगे, बल्कि खतरे के किसी भी ठोस संकेत के आधार पर भी कार्रवाई करेंगे.”
न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए शनिवार शाम को बताया कि ट्रंप को ईरान पर हमला करने के लिए सैन्य विकल्प प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन उन्होंने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया था.
इस बीच, तीन जानकर इजरायली सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान में अमेरिका के किसी भी संभावित हस्तक्षेप की आशंका में इज़राइल हाई अलर्ट पर है.
एक इजरायली सूत्र के अनुसार, शनिवार को फोन पर हुई बातचीत में इजरायली प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना पर चर्चा की.
शुक्रवार को प्रकाशित द इकोनॉमिस्ट के साथ एक साक्षात्कार में, नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.