
इसराइली महिला जब हमास के कैद से छुटकर इसराइल पहुंची जिसका नाम ‘नामा लेवी’ है उसने बताया कि इसराइली बंधको को हमास से जल्द छुड़ाना होगा क्योंकि उन्हें वहाँ जान का खतरा है.
तेल अवीव में नामा लेवी ने एक भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, “ग़ज़ा में कैद के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा इसराइली हवाई हमलों से ही डर लगता था. जब भी कोई विस्फोट होता था तो उन्हें लगता था कि अब वह मर जाएंगी.”
लेवी ने बताया कि वह सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि वह जिस कमरे में कैद थी, उस कमरे की दीवार नहीं गिरी.
इसराइली सेना ने कहा कि वह उन रिपोर्टों की समीक्षा कर रही है, जिसमें कहा जा रहा है उसके हवाई हमले में एक ही परिवार के नौ बच्चों की मौत हो गई.
इसराइली सेना ने कहा कि उसका एक विमान घटना के समय उस क्षेत्र में संदिग्धों को निशाना बना रहा था.
इसराइल के हवाई हमलों में ग़ज़ा में 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग घायल हैं.
इसराइल बहुत सारे अस्पताल और स्कूलों को निशाना बनाकर बम से उड़ा दिया है.
ग़ज़ा में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और भुखमरी का हालात वहां बहुत ज्यादा है कुछ दिन पहले ही एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अगर ग़ज़ा में खाने पीने का सामान नहीं पहुंचा तो भूखमरी से 14000 बच्चों की जान जा सकती है.