
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया क्या इसराइल की ईरान के खिलाफ़ हो रही सैन्य कार्रवाई में अमेरिका भी शामिल होगा?
जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैं यह नहीं कह सकता कि मैं ऐसा करूंगा या नहीं करूंगा. कोई नहीं जानता कि मैं क्या करना चाहता हूं. लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि ईरान को बहुत परेशानी हो रही है और वह बातचीत करना चाहता है.”
ट्रंप ने ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव पर कहा है कि ईरान के वार्ताकारों ने ऐसा संकेत दिया कि वे शायद व्हाइट हाउस आ सकते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करना मुश्किल है.
उन्होंने ईरान को लेकर अपने पिछले बयान पर जोर देते हुए कहा, “दो बहुत ही सरल शब्द-बिना शर्त सरेंडर.”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना है कि ईरान की अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर मंशा अच्छी नहीं है.
साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि, उन्हें नहीं पता यह संघर्ष कितने समय तक चलेगा, क्योंकि ईरान की वायु रक्षा प्रणाली ‘तबाह हो चुकी है.’
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ अकाउंट पर लिखा था, बिना शर्त समर्पण!
तब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “अमेरिकी राष्ट्रपति हमें धमकी देता है. एक बेहूदा बयान में वह ईरानी कौम से कहता है कि आओ और समर्पण कर दो. धमकियां उन्हें दी जाएं जो इन धमकियों से डरते हों. ईरानी कौम धमकी देने वालों से कभी मरऊब नहीं होती.”






