
संस्था फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह फलस्तीनियों के लिए राहत सामग्री लेकर ग़ज़ा पट्टी जा रहे थें.
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी इस जहाज में मौजूद हैं.
इसराइली विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इसराइली कमांडो द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाज मैडलिन को जब्त करने के बाद इसके चालक दल के सदस्यों को इसराइली अशदोद बंदरगाह ले जाया जा रहा है.
जहाज को कब्जे में लेने के बाद तस्वीर सामने आई है, जिसमें कुछ लोग लाइफ जैकेट पहनकर हाथ ऊपर उठाए बैठे हुए हैं. इस बात की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है.

फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा लांच किया गया मैडलीन जहाज ग़ज़ा से करीब 100 मील (160 किमी ) दूर था जब उसे रोका गया.
इसराइल के विदेश मंत्रालय ने इस जहाज के यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी देते हुए एक्स पर एक वीडियो जारी किया है.
फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन (एफ़एफ़सी) एक जन आधारित एकजुटता आंदोलन है, जिसमें दुनिया भर के लोग और संगठन शामिल हैं. यह समूह मिलकर ग़ज़ा पर इसराइल की नाकाबंदी को खत्म करने के लिए काम कर रहा है.
पहले ही इसराइली विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसकी नौसेना ने जहाज को चेतावनी दी थी की वह एक प्रतिबंधित इलाके की ओर जा रही है, इसलिए उसे रास्ता बदलना होगा.
इसराइल का कहना है कि ग़ज़ा पर नाकाबंदी जरूरी है ताकि हमास तक हथियार न पहुंच सके.
ग्रेटा थनबर्ग ने इंटरव्यू में कहा, “हम 12 शांतिपूर्ण स्वयंसेवक हैं जो मानवीय सहायता लेकर जा रहे हैं. यदि इसराइल या उसके सहयोगी हम पर हमला करते हैं, तो अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा.”
मैडलीन को सुरक्षित ग़ज़ा में प्रवेश करने दो, मानव अधिकार सहायता अवश्य होनी चाहिए.