
कलकत्ता के गार्डनरीच थाने की पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर एक विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट लिखने के आरोप में शर्मिष्ठा पनोली को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था.
शर्मिष्ठा पनोली को गुरुग्राम की अदालत में पेश करने के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाकर 31 मई को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया.
कोर्ट ने तब शर्मिष्ठा को 13 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर बॉलीवुड एक्ट्रेस की चुप्पी को लेकर एक वीडियो अपलोड किया था, वीडियो में शर्मिष्ठा ने एक खास धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी.
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को 22 साल की लॉ स्टूडेंट और इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को अंतरिम जमानत दे दी है.
इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ही पनोली की अंतरिम जमानत ये कहते हुए खारिज कर दी थी कि बोलने की आजादी के नाम पर दूसरों की भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है.
जब जज ने शर्मिष्ठा पनोली को जमानत देने से इनकार किया, तो जज को जान से मारने की धमकी मिल रही थी.
कई लोगों ने अपनी कुंठा निकालने के लिए Justice Partha Sarathi Chatterjee की पढ़ाई-लिखाई और उनकी जाति को भी निशाना बनाया और कई ने उनको जान से मारने की धमकियां भी दी.