
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री। डॉक्टर इरफान अंसारी ने अपने एक्स (X) हैंडल पर लिखा की
पहलगाम में हुआ आतंकी हमला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की घोर लापरवाही का सबूत है। इस कायराना हमले में 28 मासूमों और निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं शहीदों को नमन करता हूं और उनके परिजनों की प्रति हृदय से संवेदना व्यक्त करता हूं।
यह हमला सुरक्षा चूक खुला सबूत है। आतंकियों ने हिट- एंड- रन की रणनीति अपनाई। पर्यटक स्थल की रेकी की और एंक्रिप्टेड एप्स के जरिए साजिश रची। आखिर केंद्र और खुफिया तंत्र बार-बार क्यों नाकाम हो रहा है? यह लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी! मैंने निर्णय किया है कि पहलगाम में हुई दर्दनाक घटना में मृतकों के परिजनों को 4 माह के वेतन की तत्काल सहायता राशि जारी करूंगा। हादसे में पीड़ित परिवारों के लिए यह काफी कम है, क्योंकि उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हम ही नहीं, पूरा झारखंड और देश इस विकट घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा है। लेकिन शर्मनाक है कि इस दुख की घड़ी में गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे जश्न के मूड में दिखे। वे कश्मीर में वीवीआईपी सुरक्षा के बीच अपने शादी की सालगिरह के शाही जश्न की फोटो शेयर कर रहे थे। यह संवेदनहीनता उन परिवारों के जख्मों पर तमाचा है, जिन्होंने अपनों को खोया। उन्हें लोगों से माफी मांगना चाहिए। जम्मू कश्मीर के लोगों ने वहां फंसे लोगों के लिए मानवीयता के साथ काम किया, लेकिन इस आपदा की घड़ी में हवाई सेवा कंपनियों ने मनमानी तरीके से भाड़ा वसूला। यह भी केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की लापरवाही है। यह होना चाहिए था कि लोगों को निकालने के लिए केंद्र सरकार विशेष विमानों का परिचालन करती। झारखंड सरकार के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी ने विपरीत परिस्थितियों में राज्य के लोगों को अन्य राज्यों और देशों से लाने के लिए हवाई सेवा एयर लिफ्ट से लेकर विशेष रेल सेवा तक का उपयोग किया है। लेकिन केंद्र सरकार ने हवाई सेवा कंपनियों को लूट की पूरी छूट दे दी। यह मानवता के प्रति अपराध है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में झारखंड सरकार पीड़ितों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। मैं कहना चाहता हूं कि यह समय खोखले वादों का नहीं, ठोस कदम उठाने का है। दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार काम करें।