
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद कहा कि कूटनीति का रास्ता पहले इसराइल ने बंद किया और अमेरिका ने उसे खत्म कर दिया.
अब्बास अरागची ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “बीते सप्ताह हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे जब इसराइल ने हमला कर कूटनीति का रास्ता बंद करने का फैसला किया.”
उन्होंने ने आगे लिखा, “इस सप्ताह यूरोपीय मुल्कों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत हो रही थी और इस बीच अमेरिका ने कूटनीति का रास्ता बंद करने का फैसला किया.”
बीते सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर छठे दौर की बातचीत होनी थी, लेकिन इसराइल के हमले के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सवाल किया, इससे आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
उन्होंने लिखा, “हम ब्रिटेन और यूरोपीय प्रतिनिधियों से कहना चाहते हैं कि उन्हें लगता है कि ईरान को बातचीत की मेज पर आना चाहिए लेकिन ईरान उस जगह पर कैसे लौट सकता है जहां से वो कभी बाहर निकलता ही नहीं.”
बता दें कि, 2015 में हुए परमाणु समझौते से अमेरिका 2018 में बाहर हो गया था. इसके बाद से ईरान ने कई बार परमाणु संवर्धन बढ़ाने को लेकर चेतावनी दी थी.
अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान पर हमलों की जानकारी दी है.