व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुक्रवार छह फरवरी को ओमान में होगा.
बातचीत से पहले ही, ईरान के साथ तनाव के बीच अमेरिकी वायु सेना का तीसरा ई-11ए विमान ग्रीस के क्रेते द्वीप पर स्थित चानिया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के लगभग चार घंटे बाद सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर पहुंचा.
विशेष रूप से संशोधित किए गए ये वाणिज्यिक विमान एक हवाई संचार केंद्र के रूप में कार्य करते हैं ताकि अमेरिकी सेनाएं व्यापक क्षेत्रों में तेजी से और सुरक्षित रूप से जानकारी साझा कर सके.
विमानों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले विशेषज्ञ स्टीफन वाटकिंस ने बताया, “सबसे खास विमान सबसे आखिर में आते हैं. अब जब वे आ रहें हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें काम करना है.”
एक राजनयिक सूत्र ने एएफपी को बताया कि वार्ता मूल रूप से तुर्की में होनी थी, लेकिन ईरानियों के अनुरोध पर इसे बदल दिया गया और अमेरिकी इस स्थान पर सहमत हो गए.
बातचीत में भाग लेने वाले व्हाइट हाउस और ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, वार्ता में ईरान का प्रतिनिधित्व उसके विदेश मंत्री अब्बास अरागची करेंगे, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधित्व अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे.
तसनीम समाचार एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने खाड़ी में दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है.
तसनीम न्यूज़ के अनुसार, दो टैंकरों पर 10 लाख लीटर से अधिक तस्करी का ईंधन बरामद किया गया और ’15 विदेशी चालक दल के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया है.’
ईरानी सेना नियमित रूप से उन तेल टैंकरों को निशाना बनाती है जिन पर तेहरान खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अवैध वाणिज्यिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगता है.
ईरान में उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें दुनिया में सबसे कम हैं, जिससे अन्य देशों में ईंधन की तस्करी करना अत्यधिक लाभदायक हो जाता है.