फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को गाजा पट्टी और खान यूनिस में बेघर लोगों के तंबुओं पर इजरायली हमलों में कम से कम 32 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे.
गाजा नागरिक सुरक्षा के अनुसार, इजरायली हमलों में आवासीय अपार्टमेंट, तंबू, आश्रय स्थल और एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया. फिलिस्तीनियों के अनुसार, युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद से यह सबसे भीषण हमला है.
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक मुनीर अल-बर्श ने एएफपी को बताया कि पीड़ितों को उत्तर में गाजा शहर के अल-शिफा अस्पताल और दक्षिण में खान यूनिस के नासिर अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि चिकित्सा छेत्र गंभीर संकट में है, जिसमें दवाओं, उपकरणों और आपूर्ति की कमी है, साथ ही अस्पतालों के पुनर्वास की तत्काल आवश्यकता है. उनके अनुसार, यह स्थिति युद्धविराम समझौते के गंभीर उल्लंघन को दर्शाती है.
इजरायल द्वारा किए गए ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब गाजा की राफा सीमा मिस्र के साथ रविवार को फिर से खुलने वाली है.
एएफपी समाचार एजेंसी के अनुसार, मिस्र के विदेश मंत्रालय ने हमलों की निंदा की और सभी पक्षों से “अत्यंत संयम बरतने” का आग्रह किया.
कतर, एक अन्य प्रमुख देश जिसने युद्धविराम वार्ता के दौरान मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी, ने भी “इजरायल द्वारा लागतार किए जा रहे उल्लंघनों” की निंदा की है.