अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ओमान में हुई वार्ता “बहुत अच्छी” रही और ईरान “समझौते के लिए उत्सुक” है.
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो “परिणाम बहुत गंभीर होंगे.”
ओमान में शुक्रवार को शुरू हुई ये वार्ता पिछले साल जून के बाद पहली बार हो रही है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला किया था.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची कर रहे हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका कि ओर से प्रतिनिधित्व विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर कर रहे हैं.
ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी, जिन्होंने वार्ता में मध्यस्थता की, ने कहा कि वार्ता “उपयोगी थी और इससे पक्षों की सोच को स्पष्ट करने में मदद मिली.”
वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दिया कि वार्ता की “अच्छी शुरुआत” हुई है और यह “सकारात्मक माहौल” में हुई है. फिर उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल अब परामर्श के लिए अपनी-अपनी राजधानियों में लौट रहे हैं.”
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है तो वह सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है.
हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और उसने अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगाए गए आरोपों को बार-बार खारिज किया है.