पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने हिज्बुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की इसराइली हमले में मौत होने के बाद रविवार को होने वाली चुनावी सभाएं रद्द कर दी थी.
महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं लेबनान और गजा के शहीदों के साथ, खासतौर पर हसन नसरल्लाह के साथ एकजुटता में खड़ी हूं. इस कारण मैं कल के लिए अपनी सभी चुनावी सभाएं रद्द कर रही हूं. इस दुख की घड़ी में हम फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं.”

इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं. इसको लेकर बीजेपी महबूबा मुफ्ती पर हमलावर है.
भाजपा नेता कवींद्र गुप्ता ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “नसरल्लाह की मौत से महबूबा मुफ्ती को इतना दर्द क्यों हो रहा है? जब बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम होता है तब इनकी आवाज बंद क्यों हो जाती है.”?
“इसराइल पर हमले करने वाला हिजबुल्लाह कमांडर अगर मारा जाता है तो ये एक दिन के लिए प्रचार बंद कर देती हैं. ये घड़ियाली आंसू है, लोग इनकी मंशा समझते हैं. जिस आदमी ने पूरी दुनिया में आतंक फैलाया था उसका मरना ही ठीक है.”
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा, “वैसे तो दुनिया में कहीं भी जंग नहीं होनी चाहिए. लेकिन महबूबा मुफ्ती यहां मजहबी कार्ड खेल रही हैं. ये उनका चुनावी स्टंट है. यहां के मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए उन्होंने ये कार्ड खेला गया है.”