ग्रीनलैंड मुद्दे पर चीन का रुख: अमेरिका को अपने स्वार्थी लक्ष्यों को पूरा करने के बहाने के रूप में तथाकथित ‘चीन के खतरे’ का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए.
चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका को तथाकथित ‘चीन के खतरे’ का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए बहाने के तौर पर करना बंद कर देना चाहिए.
सोमवार को, अंतरराष्ट्रीय प्रसारक ब्लूमबर्ग ने चीनी विदेश मंत्रालय से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड के विलय का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा के बारे में सवाल किया.
चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने ग्रीनलैंड पर अपना रुख कई बार स्पष्ट किया है.
प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत स्थापित अंतरराष्ट्रीय कानून वर्तमान वैश्विक व्यवस्था की नींव हैं और इनका पालन जारी रहना चाहिए.
“हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह अपने स्वार्थी लक्ष्यों को प्राप्त करने के बहाने के रूप में तथाकथित ‘चीन के खतरे’ का उपयोग करना बंद करो.”
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह सुरक्षा चिंताओं के कारण ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण बढ़ाना चाहते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस और चीन से मिल रही धमकियों के चलते अगर अमेरिका डेनमार्क पर नियंत्रण हासिल करने में नाकाम रहता है तो ‘विश्व शांति खतरे में पड़ जाएगी.’ हालांकि, हालांकि यूरोपीय सहयोगी देशों का कहना है कि वे क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं.