गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर, डीआरडीओ भारत की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल, लंबी दूरी वाली एंटी-शिप मिसाइल (एलआर-एएसएचएम) का प्रदर्शन किया.
भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में लंबी दूरी की एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल प्रदर्शित किया.
भारतीय सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस मिसाइल को उन्नत हथियार प्रणालियों को हासिल करने और भारतीय नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है.
डीआरडीओ ने अपने बयान में कहा कि यह हथियार एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है, जो स्थिर और गतिशील लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है और इसे विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने के लिए भी डिजाइन किया गया है.
आगे बयान में कहा गया कि यह मिसाइल स्थानीय विमानन प्रणाली और सटीक लक्ष्यीकरण से लैस अपनी तरह की पहली मिसाइल है.
हाइपरसोनिक का अर्थ होता है ऐसी वस्तु जो ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक तेजी से यात्रा कर सकती है. यह विशेषता हाइपरसोनिक मिसाइलों को सुपरसोनिक मिसाइलों से अलग बनाती है.
साथ ही बयान में कहा गया है कि यह मिसाइल कम ऊंचाई पर तेज गति से उड़ती है और ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक गति बनाए रखती है.
डीआरडीओ ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट में वीडियो साझा करते हुए जानकारी दी है.