
इसराइली प्रधानमंत्र बिन्यामीन नेतन्याहु ने ईरान पर हमले करने के बाद एक वीडियो जारी कर अपना संदेश दिया है.
बिन्यामीन नेतन्याहु ने कहा कि, “ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम के मुख्य केंद्र पर हमला किया है.”
यह हमला ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 225 किलोमीटर दक्षिणी में ईरानी शहर नातांज में स्थित ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र पर किया गया.
उन्होंने कहा ईरान अप्रैल 2021 में इसी केंद्र पर साइबर हमले के लिए इसराइल को दोषी ठहराया था.
आगे कहा, “इसराइली सेना ने ईरानी बम पर काम कर रहे वैज्ञानिकों को निशाना बनाया था. नेतन्याहु ने कहा, ये हमले उतने दिनों तक जारी रहेंगे, जितने दिनों तक जरूरत होगी.”
इसराइल ने इस हमले को ऑपरेशन राइजिंग लॉयन नाम दिया.
नेतन्याहु ने कहा, “इसराइल के अस्तित्व के लिए ईरानी खतरे को कम करने के लिए एक टारगेटेड सैन्य अभियान है.”
हाल ही के महीनों में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं जो उसने पहले कभी नहीं उठाए थे, यानी संवर्धित यूरेनियम से हथियार बनाने के लिए कदम उठाए हैं.
अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत ही कम समय में परमाणु हथियार बना सकता है. इसमें कुछ महीने या 1 साल से भी कम समय लग सकता है. यह इसराइल के अस्तित्व के लिए एक स्पष्ट और मौजूदा खतरा है.
साथ ही बिन्यामीन नेतन्याहु ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को परमाणु कार्यक्रम वार्ता पर नेतृत्व के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया. नेतन्याहु ने कहा, “उन्होंने बार-बार स्पष्ट किया है कि ईरान परमाणु संवर्धन कार्यक्रम नहीं चला सकता है.”
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि उन्हें ‘संघर्ष से बचने’ की उम्मीद है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है की वॉशिंगटन इन हमलों में शामिल नहीं है.
बगदाद और तेहरान में लगातार विस्फोट होने की आवाज सुनाई दे रही है. इसकी पुष्टि वहां के लोगों ने भी की है.
वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा ईरान जवाबी करवाई करने की आशंका को देखते हुए इसराइल में आपातकाल लागू कर दिया गया है.